सत्कर्मों से देश का गौरवगान बढ़ाओ, अपनी आजादी को सार्थक बनाओ । सत्कर्मों से देश का गौरवगान बढ़ाओ, अपनी आजादी को सार्थक बनाओ ।
प्रेम आता है और ठहर जाता है अद्भुत-सा हमारी कल्पनाओं से लम्बा प्रेम आता है और ठहर जाता है अद्भुत-सा हमारी कल्पनाओं से लम्बा
तभी तुम प्रेम का सम्यक अर्थ समझ पाओगे... तभी तुम प्रेम का सम्यक अर्थ समझ पाओगे...
जीवन में ये एक विकल्प है, शायद सकारात्मक रहने का ! जीवन में ये एक विकल्प है, शायद सकारात्मक रहने का !
बदल गया अर्थ हमारे प्रेम सत्य का बदल गया अर्थ हमारे प्रेम सत्य का
इक्छा हमारी होने लगी ,एक प्रेम गीत गुनगुनाऊं ! अपनी लेखनी को एक ,रूप देकर उनको सुनाऊँ इक्छा हमारी होने लगी ,एक प्रेम गीत गुनगुनाऊं ! अपनी लेखनी को एक ,रूप देकर उनक...